Avimukt Kashi
₹220.00
अभिमुक्त काशी एक आत्मानुभवात्मक यात्रा-वृत्तांत है,
- By: Harsh Mishra
- ISBN: 9789378210846
- Price: 220/-
- Page: 143
- Size: 5×8
- Category: Spiritual & Self-Discovery
- Language: Hindi
- Delivery Time: 07-09 Days
Description
About The Book
अभिमुक्त काशी एक आत्मानुभवात्मक यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें लेखक ने काशी के घाटों, गलियों, मंदिरों और लोगों के बीच बिताए गए क्षणों को संवेदनशीलता के साथ शब्दों में उतारा है। यह केवल यात्रा का वर्णन नहीं, बल्कि स्वयं से मिलने की प्रक्रिया है। मणिकर्णिका घाट से लेकर सुबह-ए-बनारस तक, गुरु-संवाद से लेकर गंगा किनारे की नीरव रातों तक, पुस्तक पाठक को काशी के बाहरी और भीतरी दोनों आयामों से परिचित कराती है। सरल भाषा और गहरे अनुभवों से सजी यह कृति जीवन, मृत्यु, शांति, संबंध और आत्मबोध पर एक आत्मीय संवाद प्रस्तुत करती है। काशी यहाँ एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवित अनुभूति बनकर सामने आती है।
About The Author
मेरा नाम हर्ष मिश्रा है। मैं उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद का निवासी हूँ।
मैं एम.कॉम. (M.Com.) की शिक्षा प्राप्त की है। शिक्षा के साथ-साथ मैं Manifestation और Law of Attraction के क्षेत्र में एक कोच के रूप में कार्य करता हूँ। मेरा प्रयास लोगों को स्वयं से जोड़ने, सकारात्मक सोच विकसित करने और अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना है।
यह मेरी पहली पुस्तक है। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि मेरे जीवन के अनुभव हैं जिन्हें मैंने महसूस किया, जिया और शब्दों में उतारने का साहस किया। इस पुस्तक का प्रत्येक पृष्ठ मेरी यात्राओं, मेरे मौन, मेरे प्रश्नों और मेरे भीतर घटित परिवर्तनों का साक्षी है।
मेरे लिए काशी केवल एक शहर नहीं है, वह एक जीवंत चेतना है। वहाँ की गलियाँ, घाट, आरती, श्मशान और गंगा का प्रवाह मानो जीवन और मृत्यु के बीच छिपे सत्य को धीरे-धीरे खोलते हैं। काशी ने मुझे रुकना सिखाया, स्वयं को सुनना सिखाया और यह समझाया कि गंगा केवल पैरों से नहीं, भीतर से भी की जाती है।
मैं मानता हूँ कि शब्द तभी जीवित होते हैं जब वे अनुभव से जन्म लेते हैं। यदि इस पुस्तक की कोई पंक्ति पाठक के हृदय को छू सके, उसे कुछ क्षण अपने भीतर उतरने के लिए प्रेरित कर सके, तो मैं अपने लेखन को सार्थक मानूँगा।
— हर्ष मिश्रा





Reviews
There are no reviews yet.