Premoksh
₹299.00
अगर प्रेम सच में इस संसार में है, तो क्या वह केवल दो लोगों का एक-दूसरे को पा लेना है?
- By: SAVI MAURYA
- ISBN: 9789378210853
- Price: 299/-
- Page: 212
- Size: 5.5×8.5
- Category: Romantic Fiction / Love Story (Prem Kahani)
- Language: Hindi
- Delivery Time: 07-09 Days
Description
About The Book
अगर प्रेम सच में इस संसार में है, तो क्या वह केवल दो लोगों का एक-दूसरे को पा लेना है?
या फिर प्रेम वह एहसास है, जो इंसान को खुद से मिलाता है… उसे अपने डर से लड़ना सिखाता है… और कभी-कभी अधूरा रहकर भी पूरी ज़िंदगी उसके भीतर जीवित रहता है?
यह कहानी है दो ऐसे लोगों की, जो मिलते हैं महादेव की नगरी बनारस में—उस शहर में, जहाँ लोग मानते हैं कि महादेव की मर्ज़ी के बिना एक पत्ता तक नहीं हिलता।
वे मिलते हैं…
एक-दूसरे के लिए।
एक-दूसरे को समझने के लिए।
एक-दूसरे से प्रेम करने के लिए।
लेकिन शायद… साथ रहने के लिए नहीं।
अगर उन्हें बिछड़ना ही था, तो महादेव ने उन्हें मिलाया क्यों?
अगर इस प्रेम का अंत जुदाई ही था, तो उन्हें प्रेम का एहसास कराया ही क्यों?
और अगर प्रेम इतना सच्चा था, तो समाज के डर के आगे हार क्यों गया?
यह कहानी उस प्रेम की है, जो पूरा होकर भी अधूरा रह गया।
उस प्रेम की, जिसमें पाने से ज़्यादा खोने का दर्द है।
उस प्रेम की, जहाँ एक इंसान समाज से लड़ने के बजाय अपने ही प्रेम से दूर भाग जाता है और दूसरा इंसान उस प्रेम को उसकी आँखों में खोजता रह जाता है।
लेकिन क्या प्रेम सच में कभी खत्म होता है?
या फिर कुछ प्रेम कहानियाँ अधूरी इसलिए रह जाती हैं, ताकि वे इंसान को अपने भीतर छिपे उस सत्य तक पहुँचा सकें, जिसे वह पूरी ज़िंदगी दुनिया से छिपाता रहा?
यह कहानी सिर्फ़ दीपक और विदिता की नहीं है।
यह उस हर प्रेम की कहानी है, जो समाज की बनाई हुई सीमाओं के बीच जन्म लेता है।
यह उस हर इंसान की कहानी है, जिसने कभी प्रेम तो किया, लेकिन डर के कारण उसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।





Reviews
There are no reviews yet.