Jab Aurat Uth Khadi Hoti Hai

139.00

“जब औरत उठ खड़ी होती है” एक ऐसी पुस्तक है जो महिलाओं के संघर्ष, साहस, आत्मसम्मान और उनके अधिकारों की आवाज़ को भावनात्मक और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करती है।

  • By: Suryansh Singhania
  • ISBN: 9789378213144
  • Price: 139/-
  • Page: 60
  • Size: 5×8
  • Category: Nari Shakti, Samajik Parivartan aur Prernaadayak Jeevan Kathayen
  • Language: Hindi
  • Delivery Time: 07-09 Days
SKU: BookAP1001P-57 Categories: , Tags: ,

Description

About The Book

“जब औरत उठ खड़ी होती है” एक ऐसी पुस्तक है जो महिलाओं के संघर्ष, साहस, आत्मसम्मान और उनके अधिकारों की आवाज़ को भावनात्मक और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करती है।
समाज में महिलाओं को हमेशा सम्मान और बराबरी नहीं मिली। उन्हें कई बार अपने सपनों, शिक्षा, स्वतंत्रता और पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ा। यह पुस्तक उन्हीं संघर्षों, चुनौतियों और बदलाव की कहानियों को सामने लाने का प्रयास है।
यह पुस्तक केवल महिलाओं की समस्याओं की चर्चा नहीं करती, बल्कि यह बताती है कि शिक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता के माध्यम से समाज को बदला जा सकता है। जब एक महिला अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती है, तो उसका साहस केवल उसके जीवन को नहीं बदलता, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देता है।
सरल भाषा, भावनात्मक प्रस्तुति और सामाजिक चेतना से भरपूर यह पुस्तक पाठकों को सोचने, समझने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है।

About The Author

सूर्यांश सिंघानिया एक युवा लेखक, चिंतक और सामाजिक विषयों पर गहरी रुचि रखने वाले विद्यार्थी हैं। वर्तमान में वे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हैं तथा समाज, समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर निरंतर अध्ययन एवं लेखन करते हैं।
उनकी लेखनी केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की उन भावनाओं, संघर्षों और सच्चाइयों को अभिव्यक्त करने का प्रयास है जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। वे मानते हैं कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और नई सोच पैदा करने की शक्ति भी है।
“जब औरत उठ खड़ी होती है” उनकी पहली पुस्तक है, जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान, संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों को सरल, भावनात्मक और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने महिलाओं की शक्ति, उनके संघर्ष और समाज में उनकी भूमिका को सम्मानपूर्वक सामने लाने का प्रयास किया है।
सूर्यांश सिंघानिया का उद्देश्य केवल किताबें लिखना नहीं, बल्कि ऐसे विचारों को समाज तक पहुँचाना है जो लोगों को सोचने, समझने और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
वे भविष्य में भी सामाजिक चेतना, युवाओं के संघर्ष, समानता, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर लेखन जारी रखना चाहते हैं।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Jab Aurat Uth Khadi Hoti Hai”

Your email address will not be published. Required fields are marked *