Tum Meri Parchhai Ho
₹389.00
“तुम मेरी परछाई हो” उन कहे-अनकहे एहसासों का काव्य-संग्रह है,
- By: Shakti Srivastava
- ISBN: 9789378210433
- Price: 389/-
- Page: 136
- Size: 5×8
- Category: Poetry/Genaral
- Language: Hindi
- Delivery Time: 07-09 Days
Description
About The Book
“तुम मेरी परछाई हो” उन कहे-अनकहे एहसासों का काव्य-संग्रह है, जो जीवन के किसी न किसी मोड़ पर हम सभी के भीतर जन्म लेते हैं। वर्ष 2005 से निरंतर लेखनरत शक्ति श्रीवास्तवा की यह पुस्तक उनकी पुरानी और नई रचनाओं का चयनित संग्रह है तथा “शक्ति की कलम से…” के बाद प्रकाशन क्रम की दूसरी कृति है।
ये कविताएँ केवल भावनाओं का चित्रण नहीं करतीं, बल्कि पाठक को स्वयं को, अपने रिश्तों को और समाज को अधिक गहराई से समझने तथा बेहतर बनाने की प्रेरणा भी देती हैं। हर कविता एक दर्पण की तरह है, जिसमें कभी अपना प्रतिबिंब दिखाई देता है, कभी किसी अपने का, तो कभी समाज का वह चेहरा, जिसे हम अक्सर देखने से चूक जाते हैं।





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