Mere Sansmaran
₹299.00
‘मेरे संस्मरण’ जीवन के इस पड़ाव पर पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो स्मृतियों का एक अनंत सागर हिलोरें मारता दिखाई देता है। ‘मेरे संस्मरण’ कोई साहित्यिक कृति या शब्दों का आडंबर नहीं है, बल्कि यह मेरे अस्तित्व के उन कच्चे पन्नों का संग्रह है जिन्हें मैंने पूरी ईमानदारी और निश्छल भाव से जिया है।
- By: S. S. Negi
- ISBN: 9789378213694
- Price: 299/-
- Page: 174
- Size: 5×8
- Category: Fiction/ General
- Language: Hindi
- Delivery Time: 07-09 Days
Description
About The Book
‘मेरे संस्मरण’ जीवन के इस पड़ाव पर पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो स्मृतियों का एक अनंत सागर हिलोरें मारता दिखाई देता है। ‘मेरे संस्मरण’ कोई साहित्यिक कृति या शब्दों का आडंबर नहीं है, बल्कि यह मेरे अस्तित्व के उन कच्चे पन्नों का संग्रह है जिन्हें मैंने पूरी ईमानदारी और निश्छल भाव से जिया है। बचपन की वह धूल भरी गलियाँ, नदी के शीतल जल में बिताए वे निफ़िक्र लम्हे और अपनों के साथ साझा की गई छोटी-छोटी खुशियाँ—ये सब अब केवल यादें नहीं, बल्कि मेरी पहचान का अटूट हिस्सा बन चुके हैं। मैंने अपनी माँ को देखा है, जिन्होंने दिन-रात के कड़े परिश्रम से हमारे जीवन को संवारा। मैंने अपने पिता के मौन संघर्ष को महसूस किया है, बचपन के उन सरल दिनों से निकलकर जब मैं कॉलेज की दुनिया में प्रविष्ट हुआ, तो जीवन के प्रति मेरी समझ और गहरी हुई। उस दौर के अनुभव, वे अनकहे अहसास और वह बदलता परिवेश—सब कुछ इस किताब की स्याही में घुला हुआ है। मैं स्वीकार करता हूँ कि मैं कोई अनुभवी या मंझा हुआ लेखक नहीं हूँ। मैं तो बस वह इंसान हूँ जिसने अपनी उन बातों को अभिव्यक्ति देने का साहस किया है, जिन्हें मैं ताउम्र किसी से कह नहीं पाया। यह किताब मेरे उस मौन का प्रकटीकरण है, जिसे शब्द देने की चाह मेरे मन में सदैव जीवित रही। मेरी यह कोशिश उन तमाम लोगों को समर्पित है जो सादगी में सुंदरता और संघर्ष में प्रेरणा ढूंढते हैं। मुझे विश्वास है कि जब आप ‘मेरे संस्मरण’ के पन्नों से गुजरेंगे, तो कहीं न कहीं आपको अपनी भी कहानी के अक्स दिखाई देंगे। आशा है, मेरी यह हृदयस्पर्शी अभिव्यक्ति आप सभी के अंतर्मन तक पहुँचेगी।






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